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कुछ शायरी अपने वतन के नाम



  1. जमाने भर में मिलते है आशिक कई मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता नोटों में भी लिपट कर सोने में सिमटकर मरे हैं कई मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता ।
  2. कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को जाकर खुदा के घर से अब आया ना जाएगा हम ने लगाई आग है जो इंकलाब की इसको किसी  से बुझाया नहीं जा ता 
  3. यह बात हवावो को बताए रखना रोशनी होगी चिरागो को जलाए रखना लहू देकर जिसकी हिफाजत हमने कि ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाए रखना  ।
  4. खूब बहती है अमन की गंगा बहने दो मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो।लाल हरे रंग में ना बैठो हमको मेरे छत एक तिरंगा रहने दो मेरी छत एक तिरंगा  रहने दो ।
  5. आन देश की शान देश की देश की हम संतान हैं तीन रंगों से रंगा तिरंगा अपनी यह पहचान है अपनी यह पहचान है ।
  6. किसी को लगता है हिंदू खतरे में है किसी को लगता मुसलमान खतरे में है धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारों पता चलेगा हमारा हिंदुस्तान खतरे में ।
  7. आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे बची हो जो एक बूंद भी गरम लहू की तब तक भारत माता का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे ।

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गणेश चतुर्थी के लिए कुछ खास

आपको बताते हैं कि गणेश उत्सव क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कब से हुई । इस त्योहार की धूम महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक देखने को मिलती हैं ।इस हिंदू फ का सिर्फ धार्मिक महत्व नही है । बल्कि यह राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक माना जाता है। इतिहास के पन्नों पर गौर किया जाए तो आजादी से पहले गंगा धर तिलक ने पूरे देश की जनता के बीच एकता को बढ़।ने के लिए इस पर्व को मनाने का फैसला किया था। बता दें की छत्रपति शिवा जी महराज के काल में यह पर्व धूम धाम से मनाया जाता था। पुराणों और हिंदू शास्त्रों के अनुसार भाद्र  पद महीने के शुक्ल पक्ष की गग को भगवान गणेश का जन्म हुआ था।इसलिए इस पर्व को धूम धाम से मनाया जाता है।

Protin ke khoje (प्रोटीन की खोज)

प्रोटीन (Protin)

Protin ke khoje  नाम सर्वप्रथम सन 1838 में डच वैज्ञानिक मुल्डर (Mulder) द्वारा प्रस्तावित किया गया। इस शब्द का उद्गम ग्रीक भाषा के प्रोटेयूस शब्द से हुआ ' जिसका आशय है पहले आने वाला '  यह नाम इसलिए प्रस्तावित किया गया क्योंकि उस समय भी यह तत्व जीवन के लिए सबसे प्रमुख तत्व माना जाता है बिना इसके जीवन संभव नहीं है। यह माना जाता था।  शरीर में जल के बाद प्रोटीन सबसे अधिक पाया जाता है।
विभिन्न भोज्य पदार्थों में प्रोटीन की मात्रा
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